‘After watching cartoons, I realise I’m still a kid’: Vaibhav Sooryavanshi’s hil – वैभव सूर्यवंशी: कार्टून देखने वाला 15 साल का ‘वंडर किड’ जो मचा रहा है क्रिकेट जगत में तहलका
क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक, लेकिन दिल से आज भी बच्चा हैं वैभव सूर्यवंशी
आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए एक ऐसा नाम उभरकर सामने आया है जिसने न केवल अपनी बल्लेबाजी से बल्कि अपनी सादगी से भी प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, जिन्हें राजस्थान रॉयल्स ने 1.1 करोड़ रुपये की बड़ी कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया था, आज भारतीय क्रिकेट के लिए एक बड़ी उम्मीद बन चुके हैं।
मैदान पर छक्कों की गूंज
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनका ‘स्ट्राइक रेट’ और ‘सिक्स-हिटिंग’ क्षमता है। उन्होंने इस सीजन में अब तक 65 छक्के जड़कर एक रिकॉर्ड बनाया है, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण है। न्यू पीसीए स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उनकी पारी ने न केवल टीम को जीत दिलाई, बल्कि आलोचकों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि यह युवा खिलाड़ी भविष्य का बड़ा सितारा है।
जब क्रिकेट से हटकर हुई बात: कार्टून और आइसक्रीम
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान, जब वैभव से उनकी निजी पसंद के बारे में पूछा गया, तो उनका जवाब बहुत ही मासूम था। एक पेशेवर क्रिकेटर के रूप में व्यस्त रहने के बावजूद, वैभव ने स्वीकार किया कि उन्हें आराम करने के लिए कार्टून देखना बहुत पसंद है। उन्होंने कहा, ‘मैं बस अपने कमरे में बैठकर अपने पसंदीदा कार्टून देखता हूँ। यह मुझे मेरे घर की याद दिलाता है और मुझे एहसास होता है कि मैं अभी भी एक बच्चा हूँ।’ इसके अलावा, उन्होंने अपने ‘चीट मील’ के रूप में आइसक्रीम को अपनी सबसे पसंदीदा चीज बताया।
मेहनत ही है सफलता की कुंजी
जब वैभव से उनकी छक्के मारने की तकनीक के पीछे का राज पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही परिपक्व उत्तर दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं बचपन से ही कड़ी मेहनत कर रहा हूँ और भविष्य में भी इसे जारी रखूँगा। मेरा सपना कड़ी मेहनत करना, अच्छा क्रिकेट खेलना और एक दिन भारत का प्रतिनिधित्व करना है।’ उनकी यह विनम्रता और खेल के प्रति गंभीरता उन्हें अन्य खिलाड़ियों से अलग बनाती है।
गुजरात टाइटंस के खिलाफ चुनौती
वैभव सूर्यवंशी अब नॉकआउट मुकाबलों में एक बार फिर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ उनका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। अपने डेब्यू के बाद से उन्होंने टाइटंस के खिलाफ तीन पारियों में 101 (38 गेंद), 31 (18 गेंद) और 36 (16 गेंद) जैसे प्रभावशाली स्कोर बनाए हैं। चाहे सामने कितनी भी अनुभवी गेंदबाजी इकाई क्यों न हो, वैभव बिना किसी डर के अपना स्वाभाविक खेल खेलते हैं।
निष्कर्ष
वैभव सूर्यवंशी केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक उभरता हुआ प्रतीक हैं। 15 साल की उम्र में इतना दबाव झेलना और फिर भी मैदान पर एक ‘नाइटमेयर’ बनकर उभरना उनके मानसिक मजबूती को दर्शाता है। एक तरफ जहाँ वे गेंदबाजों के लिए घातक हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका ‘इनर चाइल्ड’ उन्हें जमीन से जुड़ा रखता है। क्रिकेट जगत की नजरें अब इस युवा खिलाड़ी पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में भारतीय टीम की नई पहचान बन सकते हैं।
