Shubham Dubey controversially declared out after Shardul Thakur towel incident i
आईपीएल 2026 में हुआ बड़ा विवाद
रविवार, 24 मई को वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए आईपीएल 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में एक अजीब घटना ने मैच का रुख मोड़ दिया। राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज शुभम दुबे को शार्दुल ठाकुर की गेंदबाजी पर आउट करार दिया गया, लेकिन इस विकेट के बाद खड़ा हुआ विवाद अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
घटना का विवरण: शार्दुल की चतुराई बनाम शुभम की चूक
मैच के दौरान शुभम दुबे आक्रामक रुख अपनाते हुए लेग साइड पर बड़ा शॉट खेलने की फिराक में थे। शार्दुल ठाकुर ने अपनी चतुराई दिखाते हुए धीमी गति की गेंद (slower ball) फेंकी। शार्दुल ने गेंद को रिलीज करते समय अपनी उंगलियों का इस्तेमाल सीम पर किया, जिससे गेंद की गति कम हो गई और वह बाएं हाथ के बल्लेबाज से थोड़ी दूर निकल गई। शुभम दुबे पहले ही शॉट के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हो चुके थे और गेंद की गति को भांपने में चूक कर गए।
गलत टाइमिंग के कारण गेंद बल्ले के बीच में नहीं लगी और टो-एंड (toe-end) से टकराकर हवा में ऊंची उठ गई। डीप मिड-विकेट पर तैनात नमन धीर ने दबाव के बीच एक शानदार कैच लपककर शुभम दुबे की पारी का अंत किया। शुभम केवल 6 गेंदों में 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
तौलिया गिरने से मचा बवाल
मैच में असली ड्रामा विकेट गिरने के तुरंत बाद शुरू हुआ। शार्दुल ठाकुर के गेंदबाजी एक्शन को पूरा करते ही उनकी कमर में बंधा तौलिया जमीन पर गिर गया। इसे देखते ही राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा तुरंत चौथे अंपायर के पास पहुंच गए। आर्रआर टीम का मानना था कि तौलिया गिरने से शुभम दुबे का ध्यान भटका, जो शॉट खेलने की प्रक्रिया में थे।
अंपायरों का निर्णय और प्रशंसकों की निराशा
मैच अधिकारियों ने इस घटना की समीक्षा की और अंततः निर्णय लिया कि तौलिये के गिरने से बल्लेबाज की एकाग्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और न ही यह शॉट के दौरान बाधा बना। अंपायरों ने इसे ‘डेड बॉल’ करार देने से इनकार कर दिया और विकेट को वैध माना। इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों का एक बड़ा वर्ग सवाल उठा रहा है कि क्या अंपायरों को इसे नियम के अनुसार ‘डेड बॉल’ घोषित करना चाहिए था?
खेल भावना और नियम
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, यदि कोई बाहरी वस्तु बल्लेबाज का ध्यान भटकाती है, तो अंपायर उसे ‘डेड बॉल’ दे सकते हैं। हालांकि, इस मामले में अंपायरों का तर्क था कि तौलिया गेंद रिलीज होने के बाद गिरा, इसलिए यह खेल के प्रवाह में बाधा नहीं था। फिर भी, कुमार संगकारा का गुस्सा इस बात का प्रमाण था कि टीम प्रबंधन इस फैसले से कतई संतुष्ट नहीं था।
यह घटना आईपीएल के रोमांच में एक और विवादित अध्याय जोड़ती है। जहाँ मुंबई इंडियंस के प्रशंसक इस विकेट को शार्दुल की शानदार गेंदबाजी का नतीजा मान रहे हैं, वहीं राजस्थान रॉयल्स के समर्थकों के लिए यह एक दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय था। आने वाले मैचों में इस तरह की बारीकियों पर अंपायरिंग और सख्त होने की उम्मीद की जा सकती है।
