Sanjay Manjrekar warns Virat Kohli against changing approach as RCB enter “dange – IPL 2026: संजय मांजरेकर ने विराट कोहली को दी बड़ी सलाह, प्लेऑफ के ‘डेंजर जोन’ से बचने का मंत्र
संजय मांजरेकर का विराट कोहली को खास संदेश
आईपीएल 2026 अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम एक बार फिर खिताब की दौड़ में मजबूती से खड़ी है। प्लेऑफ के रोमांच से पहले, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने आरसीबी के मुख्य बल्लेबाज विराट कोहली को एक अहम सलाह दी है। मांजरेकर का मानना है कि कोहली को इस सीजन में अपनाई गई अपनी आक्रामक शैली को ही जारी रखना चाहिए और नॉकआउट के बड़े दबाव में खुद को अतिरिक्त बोझ से मुक्त रखना चाहिए।
आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच खिताबी जंग
आईपीएल 2026 का सफर आरसीबी और गुजरात टाइटंस के लिए शानदार रहा है। दोनों ही टीमें अंक तालिका में शीर्ष पर हैं और 18 अंकों के साथ प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं। हालांकि, हालिया फॉर्म की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अंतर है। जहां आरसीबी ने अपने पिछले पांच मैचों में दो हार झेली है, वहीं गुजरात टाइटंस ने अपने पिछले पांच मैचों में चार में जीत हासिल की है। यह अंतर पहले क्वालीफायर मुकाबले को और भी अधिक रोमांचक बनाता है।
मांजरेकर की महत्वपूर्ण सलाह: दबाव को न हावी होने दें
संजय मांजरेकर ने स्पोर्टस्टार से बातचीत करते हुए कहा कि आरसीबी की इस सीजन की सफलता किसी एक खिलाड़ी पर निर्भरता के बजाय टीम के संतुलित दृष्टिकोण का परिणाम है। मांजरेकर के अनुसार, ‘आरसीबी का दृष्टिकोण वही रहना चाहिए। विराट कोहली एक अहम खिलाड़ी हैं, लेकिन सब कुछ केवल उन पर टिका नहीं है, और यही कारण है कि वे इस सीजन में इतनी मजबूत टीम बनकर उभरे हैं।’
मांजरेकर ने कोहली की उस प्रवृत्ति की ओर इशारा किया जो उन्हें अक्सर बड़े मैचों में मुश्किल में डालती है। उन्होंने कहा, ‘विराट के लिए उसी अंदाज में खेलते रहना जरूरी है। उनमें अक्सर अंतिम चरणों में बहुत अधिक जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेने की प्रवृत्ति होती है, और यदि वे ऐसा करते हैं, तो यह आरसीबी के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए, उन्हें अपने पुराने टेम्पलेट पर ही टिके रहना चाहिए।’
विराट कोहली का शानदार प्रदर्शन
37 वर्षीय विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। आईपीएल 2026 में उन्होंने 14 मैचों में 557 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 163.82 का रहा है, जिसमें एक शानदार शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं। कोहली के अलावा आरसीबी के लिए अन्य बल्लेबाजों ने भी बखूबी योगदान दिया है। देवदत्त पडिक्कल ने 433 रनों के साथ दूसरा स्थान संभाला है, जबकि कप्तान रजत पाटीदार ने 13 मैचों में 393 रन बनाए हैं। इसके अलावा टिम डेविड और फिल सॉल्ट ने भी टीम के लिए महत्वपूर्ण रन जोड़े हैं।
टीम संतुलन ही जीत की कुंजी
आरसीबी की इस सीजन की सबसे बड़ी ताकत उसकी सामूहिक बल्लेबाजी रही है। मांजरेकर का मानना है कि यदि कोहली अपनी आक्रामक भूमिका निभाते रहते हैं और टीम के बाकी खिलाड़ी भी इसी लय को बनाए रखते हैं, तो आरसीबी के लिए खिताब जीतना आसान हो जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोहली को ‘डेंजर जोन’ से बचने के लिए अनावश्यक दबाव को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए।
जैसे-जैसे टूर्नामेंट अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, पूरी दुनिया की नजरें कोहली के बल्ले और आरसीबी की टीम रणनीति पर टिकी हैं। क्या आरसीबी मांजरेकर की इस सलाह को मानकर अपना आक्रामक रुख बरकरार रखेगी? यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि प्लेऑफ का मुकाबला क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यादगार होने वाला है।
