MS Dhoni IPL 2026 Salary: बिना कोई मैच खेले धोनी को CSK से मिलेगी कितनी सैलरी? जानिए नियम
IPL 2026 में बिना एक भी मैच खेले MS Dhoni को मिलेगी कितनी सैलरी? जानिए पूरा सच
चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के फैंस के लिए आईपीएल 2026 का सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। गुजरात टाइटंस (GT) के खिलाफ मिली 89 रनों की करारी शिकस्त के साथ ही सीएसके का इस सीजन का सफर समाप्त हो गया। इस हार ने न केवल चेन्नई के प्लेऑफ में पहुंचने के सपनों को तोड़ दिया, बल्कि महान विकेटकीपर-बल्लेबाज एमएस धोनी (MS Dhoni) के मैदान पर लौटने की उम्मीदों को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया। पूरे सीजन में धोनी की उपलब्धता को लेकर संशय बना रहा, और आखिरकार यह पहला मौका था जब धोनी आईपीएल के इतिहास में बिना एक भी मैच खेले पूरे सीजन से बाहर रहे।
ऐसे में फैंस के मन में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या एमएस धोनी को बिना कोई मैच खेले भी आईपीएल 2026 की पूरी सैलरी मिलेगी? क्या आईपीएल के नियम चोटिल खिलाड़ियों को भुगतान की गारंटी देते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं कि धोनी की सैलरी का गणित क्या है और उन्हें इस साल चेन्नई सुपर किंग्स से कितनी रकम मिलने वाली है।
क्या बिना खेले भी MS Dhoni को मिलेगी पूरी सैलरी?
हाँ, एमएस धोनी को आईपीएल 2026 की उनकी पूरी सैलरी मिलेगी, भले ही उन्होंने इस सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक भी मैच नहीं खेला हो।
धोनी को चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल के ‘अनकैप्ड प्लेयर’ (uncapped player) नियम के तहत ₹4 करोड़ की राशि में रिटेन किया था। यह नियम उन भारतीय खिलाड़ियों के लिए है, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिए हुए पांच साल से अधिक समय हो चुका है। इस नियम के तहत फ्रेंचाइजी अपने दिग्गज खिलाड़ियों को कम कीमत पर टीम में बनाए रख सकती हैं।
चूंकि धोनी को एक निश्चित फीस (fixed-fee retention contract) पर रिटेन किया गया था, इसलिए उनके अनुबंध (contract) के अनुसार उनकी सैलरी पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण पेंच भी है जिसे समझना जरूरी है।
मैच फीस और इंश्योरेंस (बीमा) का क्या है नियम?
भले ही धोनी को ₹4 करोड़ की रिटेंशन राशि पूरी मिलेगी, लेकिन उन्हें प्रति मैच मिलने वाली ₹7.5 लाख की मैच फीस (per-match fee) नहीं दी जाएगी। आईपीएल के नियमों के अनुसार, मैच फीस केवल उन्हीं खिलाड़ियों को मिलती है जो प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होते हैं या इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतरते हैं।
इसके अलावा, खिलाड़ियों की वित्तीय सुरक्षा के लिए आईपीएल में इंश्योरेंस (insurance coverage) की बड़ी भूमिका होती है। आईपीएल के सभी खिलाड़ियों का पूरा बीमा किया जाता है। यदि कोई खिलाड़ी चोट के कारण मैच नहीं खेल पाता है, तो फ्रेंचाइजी पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ता; बल्कि बीमा कंपनी उस खिलाड़ी की सैलरी की भरपाई करती है। इस तरह धोनी की पूरी सैलरी की जिम्मेदारी भी बीमा कवरेज के अंतर्गत सुरक्षित रहेगी।
आईपीएल 2026 में एमएस धोनी की इंजरी टाइमलाइन (Injury Timeline)
धोनी के प्रशंसकों के लिए यह सीजन बेहद निराशाजनक रहा क्योंकि वे अपने चहेते ‘थाला’ को मैदान पर देखने के लिए तरस गए। धोनी की फिटनेस की समस्याएं सीजन की शुरुआत से पहले ही शुरू हो गई थीं:
- शुरुआती पिंडली की चोट (Calf Strain): आईपीएल 2026 के प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप के दौरान एमएस धोनी के पैर की पिंडली में खिंचाव आ गया था। शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया था कि वह केवल पहले दो हफ्तों के लिए बाहर रहेंगे।
- रिकवरी में देरी: धोनी की उम्र और फिटनेस को ध्यान में रखते हुए, चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रेंचाइजी उनके साथ कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती थी। उनकी रिकवरी में उम्मीद से ज्यादा समय लगा और वह कई हफ्तों तक टीम से बाहर रहे।
- अंगूठे की चोट (Thumb Injury): जब धोनी के लीग मैचों के अंतिम चरण में वापसी की उम्मीदें बढ़ रही थीं, तभी उन्हें अंगूठे में चोट लग गई। इस नई चोट ने उनकी वापसी की राह को और कठिन बना दिया।
- प्लेऑफ की शर्त: चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाजी कोच माइकल हसी ने स्पष्ट किया था कि धोनी केवल तभी टीम में वापसी करेंगे जब सीएसके प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर जाएगी। लेकिन गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली करारी हार के बाद चेन्नई का सफर यहीं समाप्त हो गया और धोनी की वापसी का इंतजार भी खत्म हो गया।
सीएसके की कप्तानी और नेतृत्व पर असर
एमएस धोनी की गैरमौजूदगी ने मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स के प्रदर्शन को काफी प्रभावित किया। हालांकि ऋतुराज गायकवाड़ टीम का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन दबाव की परिस्थितियों में धोनी की मैदान पर मौजूदगी और विकेट के पीछे से मिलने वाले उनके बहुमूल्य सुझावों की कमी साफ महसूस की गई। खासकर गेंदबाजी के दौरान जब विपक्षी बल्लेबाज हावी हो रहे थे, तब धोनी की रणनीतिक सूझबूझ की कमी सीएसके को खली। गुजरात टाइटंस के खिलाफ निर्णायक मुकाबले में भी टीम बिखर गई और 89 रनों के बड़े अंतर से मुकाबला गंवा बैठी।
अनकैप्ड प्लेयर नियम की बात करें तो, बीसीसीआई ने इस नियम को दोबारा लागू किया था ताकि फ्रेंचाइजियों को उन दिग्गज खिलाड़ियों को रिटेन करने का मौका मिल सके जो लंबे समय से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हैं। धोनी ने अगस्त 2020 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, जिसके कारण वह इस श्रेणी के लिए पूरी तरह पात्र थे। इससे सीएसके को अपने पर्स (purse) में अधिक पैसे बचाने और अन्य स्टार खिलाड़ियों को खरीदने में मदद मिली थी।
धोनी की आईपीएल सैलरी का इतिहास और शानदार आंकड़े
एमएस धोनी का आईपीएल सैलरी का सफर बेहद शानदार रहा है। साल 2008 में आईपीएल के उद्घाटन सीजन में उन्हें ₹6 करोड़ की राशि मिली थी। इसके बाद उनकी ब्रांड वैल्यू और प्रदर्शन के दम पर उनकी सालाना सैलरी ₹15 करोड़ तक पहुंच गई थी। हालांकि, पिछले कुछ सालों में उन्होंने टीम के हित में खुद को ‘अनकैप्ड प्लेयर’ श्रेणी में शामिल होने दिया, जिससे उनकी रिटेंशन वैल्यू ₹4 करोड़ हो गई।
अगर धोनी के पूरे आईपीएल करियर पर नजर डालें, तो उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स और राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए कुल 278 आईपीएल मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 38.30 की शानदार औसत और 137.45 के बेहतरीन स्ट्राइक रेट से 5439 रन बनाए हैं। वह आईपीएल इतिहास के सबसे सफल कप्तानों और फिनिशरों में से एक माने जाते हैं।
भले ही आईपीएल 2026 में धोनी मैदान पर अपना जलवा नहीं बिखेर पाए, लेकिन उनकी ब्रांड वैल्यू और फैंस के बीच उनकी लोकप्रियता आज भी वैसी ही बनी हुई है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि धोनी जल्द ही किसी न किसी भूमिका में मैदान पर दोबारा नजर आएंगे।
