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मोहम्मद शमी को बड़ी राहत, कोलकाता कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में किया बरी

Faizan Ahmed · · 1 min read
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भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी और स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के लिए कानूनी मोर्चे से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। कोलकाता की अलीपुर अदालत ने उन्हें उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां द्वारा दायर किए गए चेक बाउंस के एक मामले में पूरी तरह से बरी कर दिया है। यह मामला पिछले लगभग चार साल से अदालत में लंबित था और केवल 1 लाख रुपये की राशि के चेक बाउंस से जुड़ा हुआ था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत ने बुधवार को इस मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए दिग्गज क्रिकेटर को सभी आरोपों से बरी (क्लीन चिट) कर दिया।

अलीपुर कोर्ट का बड़ा फैसला और वकील का बयान

हसीन जहां ने मोहम्मद शमी के खिलाफ यह मामला साल 2022 में दर्ज कराया था, जिसके बाद से यह कानूनी लड़ाई लगातार चल रही थी। बुधवार को अलीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद शमी को इस मामले में निर्दोष पाया और बरी करने का आदेश दिया।

इस फैसले की पुष्टि खुद मोहम्मद शमी के वकील सलीम रहमान ने मीडिया से बातचीत के दौरान की। समाचार एजेंसी आईएएनएस (IANS) से बात करते हुए सलीम रहमान ने कहा, “क्रिकेटर मोहम्मद शमी को इस चार साल पुराने मामले में बरी कर दिया गया है, जिसे उनकी पत्नी द्वारा दायर किया गया था।” इस फैसले के बाद शमी के कानूनी सलाहकारों और उनके प्रशंसकों ने राहत व्यक्त की है।

न्यायपालिका पर था पूरा भरोसा: मोहम्मद शमी

अदालत से क्लीन चिट मिलने के बाद मोहम्मद शमी ने राहत की सांस ली और भारतीय न्याय व्यवस्था के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। शमी ने हमेशा यह माना था कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है और अंततः न्याय की ही जीत होगी।

फैसले के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए शमी ने कहा, “मुझे हमेशा से विश्वास था कि फैसला मेरे पक्ष में ही आएगा। मैंने वह हर एक रुपया चुकाया है जो मुझे चुकाना था। चाहे खेल का मैदान हो या मैदान के बाहर की जिंदगी, मैं हमेशा हर स्थिति को अपनी पूरी क्षमता से और ईमानदारी से संभालने का प्रयास करता हूं।” शमी का यह बयान दर्शाता है कि उन्होंने इस कठिन दौर में भी अपना संयम बनाए रखा।

हसीन जहां के साथ लंबे समय से चल रहा है कानूनी विवाद

भारतीय खेल जगत में क्रिकेटरों के निजी जीवन पर हमेशा ही मीडिया की पैनी नजर रहती है। मोहम्मद शमी का व्यक्तिगत जीवन भी पिछले कुछ वर्षों में हसीन जहां के साथ विवादों के कारण काफी सुर्खियों में रहा है। साल 2018 से ही हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार के खिलाफ कई गंभीर कानूनी मुकदमे दर्ज कराए हैं।

इन मुकदमों में घरेलू हिंसा (Domestic Violence) के गंभीर आरोप और उचित वित्तीय सहायता न मिलने के दावे शामिल थे। इसके अतिरिक्त, हसीन जहां ने अपनी बेटी की परवरिश और भरण-पोषण के लिए भी अदालत में भारी-भरकम गुजारे भत्ते (Alimony) की मांग की थी। हालांकि, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हसीन जहां की इस मांग को अनुचित पाया था, क्योंकि शमी पहले से ही अपनी पूर्व पत्नी के लिए 1.5 लाख रुपये और अपनी बेटी के कल्याण के लिए 2.5 लाख रुपये का मासिक भुगतान कर रहे थे।

चोटों से संघर्ष और क्रिकेट के मैदान पर वापसी की कोशिशें

पारिवारिक और कानूनी उलझनों के बावजूद, मोहम्मद शमी ने मैदान पर हमेशा भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया है। वह आईसीसी (ICC) टूर्नामेंटों में भारत के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक रहे हैं और वर्तमान में इन वैश्विक प्रतियोगिताओं में भारत के लिए आधिकारिक तौर पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं।

हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर कई बार गंभीर चोटों के कारण बाधित हुआ है। साल 2025 में चोट उनके लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी रही, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की और अपनी गेंदबाजी पर बेहतरीन नियंत्रण और शानदार फिटनेस स्तर का प्रदर्शन किया।

शमी ने आईपीएल में लखनऊ सुपर जाइंट्स (Lucknow Super Giants) के लिए भी नई गेंद के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया और विकेट चटकाने की अपनी पुरानी लय को वापस पाया। लेकिन इसके बावजूद, उन्हें 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम में मौका नहीं मिला है, जहां वे संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे थे। हाल ही में, बेहतरीन फिटनेस और प्रदर्शन के बावजूद उन्हें आगामी अफगानिस्तान श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया, जो कई क्रिकेट विश्लेषकों के लिए हैरान करने वाला फैसला था। लेकिन इस कानूनी जीत के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि शमी अब पूरी तरह मानसिक रूप से स्वतंत्र होकर टीम इंडिया में अपनी वापसी के लिए जोर लगाएंगे।

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Faizan Ahmed

Faizan Ahmed focuses on bowling strategies, wicket-taking trends, and economy-rate analysis.