‘Revenge, spite’ driving Schutt in World Cup swansong
मेगन शुट का अंतिम विश्व कप मिशन
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की दिग्गज तेज गेंदबाज मेगन शुट ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी टी20 विश्व कप उनका अंतिम आईसीसी टूर्नामेंट होगा। 33 वर्षीय शुट ने भले ही अभी अपनी आधिकारिक सेवानिवृत्ति की तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर पूरी पारदर्शिता दिखाई है। इंग्लैंड में होने वाला यह टूर्नामेंट उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।
बदले की भावना और जीत की भूख
‘Revenge, spite’ driving Schutt in World Cup swansong की भावना के साथ, शुट इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दो विश्व कप में मिली हार ने उन्हें काफी आहत किया है। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो टूर्नामेंटों की हार काफी दर्दनाक रही है। मैं हर काम में प्रतिस्पर्धी हूं, जो कभी-कभी अच्छा होता है और कभी बुरा भी। लेकिन इस बार जीत की भूख और बदले की भावना मुझे प्रेरित कर रही है।’
एक शानदार करियर पर एक नजर
शुट ने 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने करियर के पहले ही साल में, उन्होंने 50 ओवर के विश्व कप में 15 विकेट लेकर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया था। अब तक अपने 240 मैचों के करियर में, उन्होंने 309 विकेट चटकाए हैं। उनकी इन-स्विंग गेंदबाजी ने दुनिया भर के बल्लेबाजों को परेशान किया है। शुट का मानना है कि सफलता के इतने वर्षों के बाद, अब वक्त आ गया है कि वे अगली पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका दें।
अगली पीढ़ी को बागडोर सौंपने का समय
अपनी आत्मकेंद्रित सोच और खेल के प्रति समझदारी के बारे में बात करते हुए शुट ने कहा, ‘मैं वह व्यक्ति नहीं बनना चाहती जो जरूरत से ज्यादा समय तक टीम के साथ बनी रहे और अनजाने में टीम का प्रदर्शन खराब करे। मैं शारीरिक रूप से अभी भी फिट हूं, लेकिन अब कई नई और प्रतिभाशाली खिलाड़ी आ रही हैं जो मेरी जगह लेने के लिए तैयार हैं।’ ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी इकाई में लुसी हैमिल्टन जैसे युवा खिलाड़ियों का उदय यह दर्शाता है कि टीम का भविष्य सुरक्षित है।
तैयारियों का दौर
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ब्रिस्बेन में अपना प्रशिक्षण सत्र पूरा कर लिया है और अब वे इंग्लैंड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन अभ्यास मैचों की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद, टूर्नामेंट शुरू होने से पहले टीम मेजबान इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ वार्म-अप मैच खेलेगी। शुट के लिए यह केवल एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि उनके गौरवशाली करियर का एक भावुक समापन होगा।
निष्कर्ष
मेगन शुट का यह ‘स्वॉनसॉन्ग’ (अंतिम विदाई) निश्चित रूप से क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार पल होगा। उनकी खेल भावना और जिम्मेदारी की भावना आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल है। क्या शुट अपनी इस आखिरी बड़ी प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया को एक और खिताबी जीत दिला पाएंगी? यह देखने के लिए पूरी दुनिया की नजरें अब इंग्लैंड के मैदानों पर टिकी होंगी।
