“Father in me doesn’t…”: Pathan calls out GT for short-pitch bowling ploy agai – पिता के तौर पर मुझे यह पसंद नहीं: इरफान पठान ने वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ GT की शॉर्ट-पिच रणनीति पर उठाए सवाल
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के दूसरे क्वालीफायर में गुजरात टाइटंस (GT) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच हुए मुकाबले ने न सिर्फ रोमांचक क्रिकेट पेश किया, बल्कि एक विवाद को भी जन्म दिया। इस मैच में गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों द्वारा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खिलाफ अपनाई गई शॉर्ट-पिच गेंदबाजी रणनीति पर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने कड़ी आपत्ति जताई है। पठान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस रणनीति को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की, खासकर जब यह 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही थी।
इरफान पठान की कड़ी प्रतिक्रिया: क्या बॉडीलाइन गेंदबाजी उचित है?
41 वर्षीय इरफान पठान ने गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों द्वारा वैभव सूर्यवंशी को ‘बॉडीलाइन’ रणनीति के तहत गेंदबाजी करने पर गहरी निराशा व्यक्त की। शुक्रवार रात को हुए इस महत्वपूर्ण क्वालीफायर मैच में, भारतीय बल्लेबाजी के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को कगिसो रबाडा की एक तेज बाउंसर सीधे उनके हेलमेट पर लगी। इस घटना के बाद, फिजियो को मैदान पर आना पड़ा और आवश्यक concussion जांच करनी पड़ी। बाद में, मोहम्मद सिराज ने भी कुछ शॉर्ट गेंदे फेंकीं जो सीधे बल्लेबाज के शरीर की ओर निर्देशित थीं।
पठान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर स्पष्ट रूप से लिखा, “15 साल के वैभव सूर्यवंशी को रोकने के लिए बॉडीलाइन गेंदबाजी मुझे ठीक नहीं लगती। मुझे पता है कि वह बड़े लड़कों के खिलाफ खेल रहा है, लेकिन मेरे अंदर का पिता इस बात से सहमत नहीं है।” पठान की यह टिप्पणी खेल भावना और युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा पर एक महत्वपूर्ण बहस छेड़ती है। एक तरफ जहां प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में आक्रामक गेंदबाजी एक रणनीति का हिस्सा होती है, वहीं दूसरी तरफ एक युवा खिलाड़ी की सुरक्षा और उसके भविष्य को लेकर भी चिंताएं उठती हैं।
वैभव सूर्यवंशी की अविश्वसनीय बहादुरी और प्रदर्शन
गेंदबाजों के आक्रामक रवैये और सिर पर लगी चोट के बावजूद, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अविश्वसनीय साहस और जुझारूपन दिखाया। उन्होंने केवल 47 गेंदों पर शानदार 96 रन बनाए, जो उनकी मानसिक दृढ़ता और बल्लेबाजी प्रतिभा का प्रमाण है। उनकी यह पारी न सिर्फ दबाव में थी, बल्कि विपक्षी टीम के अनुभवी और विश्व स्तरीय गेंदबाजों के खिलाफ थी, जिन्होंने उन्हें लगातार मुश्किल में डालने की कोशिश की। सूर्यवंशी ने दिखाया कि उम्र भले ही कम हो, लेकिन प्रतिभा और हिम्मत किसी भी चुनौती का सामना कर सकती है। उनकी इस पारी ने मैच का रुख पलट दिया और सभी को उनकी क्षमता का लोहा मनवा दिया। यह सिर्फ रन नहीं थे, यह उस युवा खिलाड़ी का एक बयान था जो क्रिकेट के बड़े मंच पर अपना नाम बनाना चाहता है।
मैच का नतीजा और गुजरात टाइटंस की शानदार जीत
राजस्थान रॉयल्स (RR) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 214 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य था, लेकिन गुजरात टाइटंस ने इसे आसानी से हासिल कर लिया। गुजरात के सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने एक शानदार शतक जड़ा, जबकि साई सुदर्शन ने इस सीजन का एक और प्रभावशाली अर्धशतक बनाया। इन दोनों बल्लेबाजों की दमदार पारियों की बदौलत टाइटंस ने सात विकेट से यह मैच जीत लिया, जबकि आठ गेंदें शेष थीं। इस जीत के साथ, गुजरात टाइटंस ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली, जहां उनका मुकाबला रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) से होगा। गिल और सुदर्शन की साझेदारी ने दिखाया कि कैसे दबाव में भी शांत रहकर बड़े लक्ष्य का पीछा किया जा सकता है।
रियान पराग ने की युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी की तारीफ
इस सीजन में 776 रन बनाकर बिहार के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय टीम में अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है। राजस्थान रॉयल्स के उनके साथी खिलाड़ी रियान पराग ने भी इस युवा सलामी बल्लेबाज की जमकर तारीफ की, जिसने अपनी बल्लेबाजी प्रतिभा से आईपीएल और विश्व क्रिकेट में तूफान ला दिया है। 24 वर्षीय पराग ने इच्छा व्यक्त की कि यह युवा खिलाड़ी भारत के लिए खेले और देश को कई सम्मान दिलाए।
मैच के बाद पराग ने कहा, “सूर्यवंशी के बारे में शब्दों में बयां नहीं कर सकता। जिस तरह से वह बल्लेबाजी करता है, वह सिर्फ मारना नहीं है। वह हमेशा स्थिति का आकलन करता है और गणना करता है जब वह बल्लेबाजी करने जाता है और सब कुछ अच्छी तरह से करता है। उम्मीद है कि वह ऐसा करना जारी रखेगा और भारत के लिए खेलेगा और आरआर के लिए भी खेलता रहेगा और हमें दूसरा खिताब दिलाएगा।” पराग के इन शब्दों से स्पष्ट होता है कि सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि सूझबूझ और क्रिकेटिंग माइंड भी है, जो उन्हें एक विशेष खिलाड़ी बनाता है।
आईपीएल में युवा प्रतिभा का उदय
वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन आईपीएल में युवा प्रतिभाओं के लगातार उभरने का एक और उदाहरण है। उनकी उम्र में इस स्तर पर ऐसा प्रदर्शन करना असाधारण है और यह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए शुभ संकेत है। इरफान पठान की टिप्पणी और रियान पराग की प्रशंसा दोनों ही इस बात पर प्रकाश डालती हैं कि खेल को कैसे खेला जाना चाहिए और युवा खिलाड़ियों को कैसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह घटना दर्शाती है कि क्रिकेट न केवल कौशल और शक्ति का खेल है, बल्कि खेल भावना और सम्मान का भी। सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी क्रिकेट के मैदान पर न केवल रन बनाते हैं, बल्कि प्रेरणा भी देते हैं।
