BCCI Shakes Setup, Does This For The 1st Time In History: महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक फैसला
महिला क्रिकेट में नए युग की शुरुआत: बीसीसीआई का ऐतिहासिक कदम
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने देश में महिला क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बार फिर से अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। पिछले कुछ वर्षों में, बीसीसीआई ने समान वेतन (equal pay) लागू करने, महिला प्रीमियर लीग (WPL) की शुरुआत करने, खिलाड़ियों की मैच फीस बढ़ाने और उनके लिए विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने जैसे कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। अब इसी कड़ी में एक और बड़ा फैसला लिया गया है जो निश्चित रूप से महिला क्रिकेट की दिशा और दशा को बदल देगा।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में पहली बार समर्पित महिला कोचों की नियुक्ति
एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई ने बेंगलुरु स्थित अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) में तीन विशेषज्ञ महिला कोचों को नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब इस विकास केंद्र में विशेष रूप से महिला क्रिकेटरों के मार्गदर्शन के लिए महिला कोचों की नियुक्ति की गई है। ये नवनियुक्त कोच जूनियर और सीनियर दोनों स्तरों की उभरती हुई खिलाड़ियों के साथ मिलकर काम करेंगी। इसके साथ ही, वे राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के पूर्व प्रमुख और वर्तमान क्रिकेट संचालन प्रभारी वीवीएस लक्ष्मण के साथ निकटता से समन्वय स्थापित करेंगी।
इन तीन दिग्गज महिला खिलाड़ियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
बीसीसीआई द्वारा नियुक्त की गईं ये तीनों कोच अपने समय की बेहतरीन खिलाड़ी रही हैं और उनके पास कोचिंग का भी लंबा अनुभव है। आइए जानते हैं इन तीनों कोचों के बारे में विस्तार से:
1. नुशिन अल खदीर – गेंदबाजी कोच (Bowling Coach)
पूर्व भारतीय स्पिनर नुशिन अल खदीर को गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी दी गई है। नुशिन का अंतरराष्ट्रीय करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने भारत के लिए 78 एकदिवसीय (ODI) मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 3.57 की बेहतरीन इकोनॉमी रेट से 100 विकेट हासिल किए हैं। इसके अलावा, उन्होंने 5 टेस्ट मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है, जिसमें उन्होंने मात्र 1.80 की इकोनॉमी रेट से 14 विकेट चटकाए हैं। उनकी स्पिन गेंदबाजी की बारीकियाँ युवा खिलाड़ियों के लिए अत्यंत मूल्यवान साबित होंगी।
2. वी. आर. वनिता – फील्डिंग कोच (Fielding Coach)
पूर्व भारतीय बल्लेबाज वी. आर. वनिता को फील्डिंग कोच नियुक्त किया गया है। भारत के लिए वनडे और टी20 मैचों में देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद, वनिता ने कोचिंग और टैलेंट स्काउटिंग की ओर रुख किया। वह महिला प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की टीम के साथ भी काम कर चुकी हैं। उनकी फील्डिंग रणनीतियों और फुर्तीलेपन से खिलाड़ियों के क्षेत्ररक्षण स्तर में भारी सुधार होने की उम्मीद है।
3. सुनेत्रा परांजपे – बल्लेबाजी कोच (Batting Coach)
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर सुनेत्रा परांजपे को बल्लेबाजी कोच के रूप में चुना गया है। सुनेत्रा ने 2002 से 2007 के बीच टेस्ट और वनडे मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने अपने करियर में 28 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 322 रन बनाए हैं और साथ ही 11 महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किए हैं। उनका यह दोहरा अनुभव बल्लेबाजों को तकनीकी और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करेगा।
2026 महिला टी20 विश्व कप पर टिकी हैं निगाहें
यह महत्वपूर्ण कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारतीय टीम आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी कर रही है। 2026 आईसीसी महिला टी20 विश्व कप का आयोजन इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से 5 जुलाई तक होने जा रहा है। भारतीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत 14 जून को एजबेस्टन में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ एक रोमांचक मैच से करेगी।
भारतीय टीम को ग्रुप ए में रखा गया है, जिसमें उनके साथ ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड जैसी मजबूत टीमें शामिल हैं। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी और स्मृति मंधाना की उप-कप्तानी में भारतीय टीम इस बार विश्व कप जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका
बेंगलुरु का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) हमेशा से भारतीय क्रिकेटरों के कौशल को निखारेगा। वीवीएस लक्ष्मण जैसे महान खिलाड़ी के मार्गदर्शन में, इस केंद्र में आधुनिक तकनीक और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रणालियों का उपयोग किया जाता है। अब जब तीन समर्पित महिला कोच इस सेटअप का हिस्सा बन चुकी हैं, तो यह सुनिश्चित होगा कि महिला क्रिकेटरों को उनकी खेल शैली के अनुसार विशिष्ट और व्यक्तिगत ध्यान मिल सके। यह कदम जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक महिला क्रिकेट के विकास में एक मजबूत नींव का काम करेगा।
भारतीय महिला क्रिकेट का स्वर्णिम काल
इसमें कोई दो राय नहीं है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट ने एक लंबा और सफल सफर तय किया है। पूर्व में महिला खिलाड़ियों को सीमित अवसरों और कम सुविधाओं के साथ संघर्ष करना पड़ता था। लेकिन वैश्विक मंच पर टीम के शानदार प्रदर्शन और डब्ल्यूपीएल के आगमन ने इस खेल को पूरी तरह से बदल दिया है। इतिहास में पहली बार 2025 में भारतीय महिला टीम द्वारा विश्व कप का खिताब जीतना इस बात का गवाह है कि भारतीय क्रिकेट अब सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। बीसीसीआई का यह नया फैसला महिला क्रिकेट को उसी गंभीरता और व्यावसायिकता के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा मील का पत्थर है जिसका वे हकदार हैं।
