“Skipping handshakes is a red flag” – Ambati Rayudu, Mark Boucher react to Virat Kohli-Travis Head विवाद
आईपीएल 2026: मैदान पर बढ़ते विवाद और दिग्गजों की राय
आईपीएल 2026 के सीजन में क्रिकेट के खेल से अधिक चर्चा मैदान पर होने वाली गहमागहमी की रही है। हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच हुए एक बेहद रोमांचक मुकाबले के बाद विराट कोहली और ट्रैविस हेड के बीच हैंडशेक को लेकर हुआ विवाद सुर्खियों में है। इस विषय पर क्रिकेट जगत के दो दिग्गज खिलाड़ियों, अंबाती रायडू और मार्क बाउचर ने अपनी स्पष्ट राय रखी है।
हैंडशेक से इनकार करना खेल भावना के खिलाफ
एक हालिया चर्चा के दौरान, जब अंबाती रायडू और मार्क बाउचर से पूछा गया कि क्या मैच के बाद हाथ न मिलाना एक ‘रेड फ्लैग’ है, तो दोनों ने बिना किसी हिचकिचाहट के इसे गलत ठहराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि “Skipping handshakes is a red flag” – Ambati Rayudu, Mark Boucher react to Virat Kohli-Travis Head विवाद के संदर्भ में यह व्यवहार खेल की गरिमा के अनुरूप नहीं है। चाहे खेल का दबाव कितना भी अधिक क्यों न हो, एक खिलाड़ी से खेल भावना की अपेक्षा हमेशा बनी रहती है।
‘पॉकेट चिट’ जश्न पर विशेषज्ञों की असहमति
आईपीएल 2026 में एक नया ट्रेंड देखने को मिला है, जिसे ‘पॉकेट चिट’ सेलिब्रेशन कहा जा रहा है। खिलाड़ी अपनी जेब में हाथ से लिखे हुए नोट्स लेकर मैदान पर उतर रहे हैं और मील का पत्थर हासिल करने पर उन्हें कैमरे के सामने दिखा रहे हैं। हालांकि, रायडू और बाउचर इस दिखावे के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं।
- आकाश सिंह ने विकेट लेने के बाद नोट दिखाया।
- उर्विल पटेल ने अर्धशतक के बाद पिता को संदेश समर्पित किया।
- रघु शर्मा ने अपने पहले विकेट के बाद नोट का उपयोग किया।
इन दिग्गजों का मानना है कि यह सब पूर्व-नियोजित प्रदर्शन क्रिकेट की सहजता को कम करते हैं और इनकी खेल में कोई विशेष आवश्यकता नहीं है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम और अन्य मुद्दों पर चर्चा
चर्चा के दौरान रायडू और बाउचर के बीच ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम को लेकर मतभेद भी देखने को मिला। मार्क बाउचर ने इस नियम का विरोध किया, जबकि अंबाती रायडू का मानना है कि भारत में फिलहाल गुणवत्तापूर्ण ऑलराउंडरों की कमी है, जिसे यह नियम संतुलित करने में मदद करता है। उन्होंने कहा, “मैं वास्तव में इसके पक्ष में हूं क्योंकि हमारे पास बहुत अधिक क्वालिटी वाले ऑलराउंडर नहीं हैं।”
पेशेवर खेल और भावनात्मक नियंत्रण
लाइव इंटरव्यू के दौरान खिलाड़ियों द्वारा अनजाने में की गई अभद्र भाषा पर मार्क बाउचर ने बचाव किया। उन्होंने इसे दबाव के क्षणों में होने वाली एक मानवीय गलती बताया। इसके अलावा, टीमों द्वारा चोट की जानकारी छुपाने की रणनीति को भी उन्होंने पेशेवर खेल का एक सामान्य हिस्सा माना।
अंत में, दोनों विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया पर स्वस्थ और सम्मानजनक बातचीत का समर्थन किया। रायडू ने विशेष रूप से जोर दिया कि ऑनलाइन बहस और प्रतिद्वंद्विता को कभी भी व्यक्तिगत सीमाओं को पार नहीं करना चाहिए। क्रिकेट का मैदान हमेशा आपसी सम्मान का प्रतीक रहा है, और यही संदेश इन पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने नई पीढ़ी के लिए दिया है। खेल में आक्रामकता अच्छी है, लेकिन उसे खेल की मर्यादा के दायरे में रहना चाहिए। यह विवाद भविष्य में खिलाड़ियों के लिए एक सीख साबित हो सकता है कि मैदान पर जीत-हार से ऊपर खेल का सम्मान सर्वोपरि है।
