Vijay Shankar Joins Lanka Premier League Days After IPL Retirement – विजय शंकर ने आईपीएल से संन्यास के बाद लंका प्रीमियर लीग में एंट्री ली
लंका प्रीमियर लीग में नई शुरुआत
क्रिकेट की दुनिया में हलचल तब तेज हो गई जब भारतीय ऑलराउंडर विजय शंकर ने लंका प्रीमियर लीग (LPL) के छठे संस्करण के लिए कैंडी रॉयल्स के साथ अपने अनुबंध की पुष्टि की। यह कदम उनके आईपीएल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने के महज कुछ दिनों बाद आया है, जो उनके करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत है।
विजय शंकर का संन्यास और भविष्य की राह
35 वर्षीय विजय शंकर ने 22 मई को आईपीएल और घरेलू क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। अपने भावुक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने अपने 25 साल के क्रिकेट सफर को याद करते हुए लिखा कि उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व करने को अपने करियर का सबसे गौरवपूर्ण पल माना है। संन्यास की घोषणा के साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि वे अब वैश्विक लीगों में नई चुनौतियों की तलाश में हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि लंका प्रीमियर लीग केवल एक शुरुआत है। विजय शंकर आने वाले समय में बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL), कनाडा टी20 लीग और मेजर लीग क्रिकेट (MLC) जैसी अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी खेलते नजर आ सकते हैं।
आईपीएल का सफर और सीएसके से विदाई
विजय शंकर का आईपीएल करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 2014 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के साथ अपना सफर शुरू किया था। हालांकि, 2025 का सत्र उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा, जहाँ वे 5 पारियों में केवल 118 रन बना सके। इसके बाद ‘मेन इन येलो’ ने उन्हें रिलीज कर दिया और आगामी नीलामी में भी उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला, जो उनके संन्यास के निर्णय का एक प्रमुख कारण बना।
लंका प्रीमियर लीग और भारतीय खिलाड़ियों का जुड़ाव
बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, सक्रिय भारतीय क्रिकेटर विदेशी लीगों में भाग नहीं ले सकते। यही कारण है कि विजय शंकर जैसे खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने के लिए घरेलू क्रिकेट से जल्दी संन्यास लेना पड़ता है। ऐतिहासिक रूप से देखें तो लंका प्रीमियर लीग में भारतीयों की भागीदारी सीमित रही है, जिसमें मुनाफ पटेल और इरफान पठान जैसे नाम प्रमुख हैं जिन्होंने लीग के शुरुआती संस्करणों में भाग लिया था।
फ्रेंचाइजी क्रिकेट और बीसीसीआई की नीति पर बहस
विजय शंकर का यह कदम एक बार फिर उस बहस को हवा दे गया है जो बीसीसीआई की ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ नीति से जुड़ी है। कुछ समय पहले बोर्ड इस पर विचार कर रहा था कि संन्यास लेने के बाद खिलाड़ियों को एक वर्ष तक किसी भी विदेशी लीग में खेलने की अनुमति न दी जाए। यह नीति उन खिलाड़ियों के लिए बनाई जा रही थी जो विदेशी लीगों में खेलने के लिए समय से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट छोड़ रहे थे।
कैंडी रॉयल्स के लिए क्या उम्मीदें हैं?
17 जुलाई से शुरू होने वाले लंका प्रीमियर लीग के छठे सीजन के लिए ड्राफ्ट 1 जून को आयोजित किया जाना है। कैंडी रॉयल्स के लिए विजय शंकर का जुड़ना एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर माना जा रहा है। उनके पास अंतरराष्ट्रीय अनुभव है, जिसमें 2019 का वनडे वर्ल्ड कप भी शामिल है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि शंकर अपनी ऑलराउंड क्षमता से टीम को मजबूती प्रदान करेंगे।
कुल मिलाकर, विजय शंकर का यह फैसला भारतीय क्रिकेट के बदलते परिदृश्य को दर्शाता है, जहाँ खिलाड़ी अब फ्रेंचाइजी आधारित वैश्विक लीगों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी यह दूसरी पारी कितनी सफल साबित होती है।
