सचिन तेंदुलकर ने अर्जुन तेंदुलकर के एलएसजी प्रदर्शन पर क्या कहा? | IPL 2026
अर्जुन तेंदुलकर का ब्रेकथ्रू मैच: सचिन के दिल को छू लिया
आईपीएल 2026 के लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह एक और निराशाजनक मैच रहा, लेकिन 23 मई को एकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए लीग के अंतिम मैच में अर्जुन तेंदुलकर के लिए यह एक यादगार रात साबित हुई। मुंबई इंडियंस से लखनऊ सुपर जायंट्स में शिफ्ट होने के बाद अर्जुन ने आखिरकार अपना पहला मैच खेला और अपने गेंदबाजी प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।
प्रभासिमरन सिंह के खिलाफ बड़ा विकेट
पंजाब किंग्स के खिलाफ इस मैच में अर्जुन तेंदुलकर पूरे चार ओवर डालने में सफल रहे और महज 36 रन देकर एक महत्वपूर्ण विकेट लिया। उनका यह विकेट कोई और नहीं बल्कि पंजाब के खतरनाक ओपनर प्रभासिमरन सिंह का था, जो 140 रनों की साझेदारी के साथ टीम को मैच से बाहर ले जा रहे थे।
अर्जुन ने 15वें ओवर में एक बेहतरीन यॉर्कर डाली, जो शार्प इन-स्विंग लेकर बल्लेबाज के पैड पर जा लगी। अंपायर ने आउट का फैसला दिया, जो लखनऊ के लिए मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
लखनऊ के लिए सबसे कम रन देने वाले गेंदबाज
उच्च स्कोरिंग मैच में हर गेंदबाज प्रति ओवर लगभग 10-11 रन दे रहा था, लेकिन अर्जुन तेंदुलकर की आर्थिकता चर्चा का विषय बनी। सिर्फ 9.00 की इकॉनमी रेट के साथ वह लखनऊ के लिए सबसे कम रन देने वाले गेंदबाज रहे।
हालांकि, उनके खाते में और भी एक विकेट आ सकता था। पहले ओवर में ही प्रभासिमरन सिंह ने एक एग्रेसिव शॉट खेला, जिसका टॉप एज लगकर विकेटकीपर ऋषभ पंत की ओर गया। पंत ने डाइव लगाया और गेंद को अपने दोनों हाथों में छू लिया, लेकिन गेंद छूट गई। इस मिस का खामियाजा लखनऊ को भुगतना पड़ा, क्योंकि प्रभासिमरन ने 39 गेंदों में 69 रन बनाए और पंजाब को सात विकेट से जीत दिलाई।
सचिन तेंदुलकर का भावुक संदेश
मैच के बाद सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर कर अपने बेटे के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने लिखा: “अर्जुन, बहुत बढ़िया। इस सीजन के दौरान तुमने जिस तरह खुद को संभाला, अपनी क्षमता पर विश्वास बनाए रखा, धैर्य रखा, चुपचाप मेहनत की और अंतिम मैच तक अवसर का इंतजार करते हुए भी सकारात्मक रहे, उस पर मैं तुम पर गर्व महसूस कर रहा हूं।”
उन्होंने आगे लिखा: “क्रिकेट न केवल कौशल की, बल्कि धैर्य की भी परीक्षा लेता है, और तुमने आज दोनों को खूबसूरती से संभाला। जमीन से जुड़े रहो, और उसी तरह खेल से प्यार करते रहो जैसे तुम हमेशा से करते आए हो। हमेशा तुमसे प्यार करता हूं।”
एक युवा गेंदबाज की जिद्दी मेहनत का नतीजा
अर्जुन तेंदुलकर का यह प्रदर्शन सिर्फ एक विकेट या 36 रन तक सीमित नहीं था। यह एक युवा खिलाड़ी के धैर्य, अनुशासन और टीम के प्रति निष्ठा की कहानी थी। हालांकि टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अर्जुन के हौसले बुलंद थे।
उनके नियंत्रित ओवर, लाइन और लेंथ ने यह साबित किया कि वह बस एक मौके के इंतजार में थे। और जब मौका आया, तो उन्होंने पूरी तरह से साबित कर दिया कि वह आईपीएल के स्तर पर भी मैच जीत सकते हैं।
उनके प्रदर्शन पर सचिन का प्रतिक्रिया न केवल एक पिता की भावनाओं को दर्शाती है, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत में एक सकारात्मक संदेश भी देती है — कि मेहनत, धैर्य और धैर्य कभी व्यर्थ नहीं जाते।
