मुंबई इंडियंस से अलग होना ईशान किशन के करियर के लिए वरदान: अंबाती रायडू
ईशान किशन का नया रूप: मुंबई इंडियंस से अलगाव के बाद मिली परिपक्वता
आईपीएल 2026 में ईशान किशन का बल्ला जमकर बोल रहा है। एक शानदार फॉर्म से गुजर रहे इस युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज के प्रदर्शन ने न केवल फैंस का दिल जीता है, बल्कि पूर्व दिग्गज क्रिकेटर अंबाती रायडू का भी ध्यान खींचा है। रायडू का स्पष्ट मानना है कि सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा बनने के बाद ईशान किशन के खेल में जो सुधार आया है, वह उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
सितारों के बीच दबना बनाम चमकना
ईशान किशन ने अपने आईपीएल करियर के सात साल मुंबई इंडियंस (MI) के साथ बिताए। रायडू, जो खुद 2009 से 2017 तक MI का हिस्सा रहे थे, इस स्थिति को बखूबी समझते हैं। रायडू ने ईएसपीएनक्रिकइंफो ‘टाइम आउट’ पर बातचीत करते हुए कहा, ‘मुंबई इंडियंस जैसी फ्रेंचाइजी में बड़ा होना और फिर वहां के बड़े सितारों के बीच खुद को साबित करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।’ रायडू के अनुसार, युवा खिलाड़ियों के लिए यह जानना बहुत मुश्किल होता है कि खेल के दौरान कब दबाव में रहना है और कब मानसिक रूप से खुद को शांत रखना है।
शानदार आंकड़े और बेहतर शॉट सिलेक्शन
ईशान किशन के इस सीजन के आंकड़े खुद उनकी कहानी बयां कर रहे हैं। आईपीएल 2026 में अब तक 14 मैचों में उन्होंने 40.64 की औसत और 178.36 की तूफानी स्ट्राइक रेट से 569 रन बनाए हैं। वे वर्तमान में ऑरेंज कैप की दौड़ में पांचवें स्थान पर बने हुए हैं। उनका हालिया प्रदर्शन—रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 46 गेंदों में 79 रनों की पारी—यह दर्शाता है कि वे कितनी शानदार लय में हैं। इस सीजन में उन्होंने छह बार 50 से अधिक का स्कोर बनाया है, जो कि उनके आईपीएल करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
बदलाव की मुख्य वजहें
रायडू ने किशन की सफलता के पीछे दो बड़े कारणों का जिक्र किया है:
- बेहतर शॉट चयन: रायडू का मानना है कि पहले किशन कई बार गलत शॉट्स खेलकर अपना विकेट गंवाते थे, लेकिन अब उनके फैसलों में परिपक्वता दिखती है।
- कप्तानी का अनुभव: झारखंड के लिए कप्तानी करने से किशन को अपने खेल को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली है। कप्तानी ने उनके भीतर स्पष्टता (clarity) पैदा की है, जिससे वे एक अधिक जिम्मेदार बल्लेबाज बन गए हैं।
निष्कर्ष: एक नया ईशान किशन
मुंबई इंडियंस की छत्रछाया से बाहर निकलकर, ईशान किशन ने न केवल एक व्यक्तिगत खिलाड़ी के रूप में बल्कि एक जिम्मेदार टीम सदस्य के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। रायडू की राय में, यह कठिन रास्ता ही था जिसने किशन को वह सिखाया जो वे बड़े सितारों के बीच रहकर शायद नहीं सीख पाते। अब ईशान किशन केवल एक आक्रामक बल्लेबाज नहीं, बल्कि परिस्थितियों को समझने वाले और टीम को जीत दिलाने वाले एक मैच-विनर के रूप में उभरे हैं। क्या ईशान किशन का यह फॉर्म आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में टीम इंडिया के लिए भी फायदेमंद साबित होगा? यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल, क्रिकेट प्रेमी उनके इस बदले हुए अवतार का पूरा आनंद ले रहे हैं।
