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रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास पर किरण मोरे का बड़ा बयान

Pooja Reddy · · 1 min read
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भारतीय क्रिकेट के दो महान स्तंभ: रोहित और विराट

भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ समय से दो नामों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है—रोहित शर्मा और विराट कोहली। 2027 के वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच, कई तरह के सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये दोनों दिग्गज तब तक टीम का हिस्सा बने रहेंगे। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व मुख्य चयनकर्ता और पूर्व विकेटकीपर किरण मोरे ने इन सभी संन्यास की अटकलों पर पूर्ण विराम लगाने की कोशिश की है।

किरण मोरे का बेबाक बयान

हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान, किरण मोरे ने रोहित और विराट की जमकर तारीफ की और कहा कि उनकी उम्र या भविष्य को लेकर बेवजह चर्चा नहीं होनी चाहिए। मोरे ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और शारीरिक रूप से फिट है, तब तक उसे खेलने से नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ये दोनों खिलाड़ी महान हैं। जब तक उनके पैर चल रहे हैं और बल्ला रन बना रहा है, उन्हें खेलते रहना चाहिए। उनके जाने के बाद उनकी कमी बहुत खलेगी, ठीक वैसे ही जैसे सचिन तेंदुलकर के संन्यास के समय हुआ था।’

फिटनेस बनाम फॉर्म: बीसीसीआई की चिंता

जहां किरण मोरे का समर्थन इन खिलाड़ियों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला है, वहीं दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीसीसीआई की अपनी योजनाएं कुछ अलग हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बोर्ड विराट कोहली की वनडे भविष्य को लेकर काफी आश्वस्त है, क्योंकि उनकी फिटनेस का स्तर अभी भी वर्ल्ड क्लास है। इसके विपरीत, रोहित शर्मा की फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन (Workload Management) को लेकर बोर्ड के भीतर कुछ चिंताएं जरूर हैं।

आंकड़े जो उनकी महानता की गवाही देते हैं

विराट कोहली और रोहित शर्मा के आंकड़े इस बात के प्रमाण हैं कि क्यों वे आधुनिक क्रिकेट के सबसे बड़े सितारे हैं।

  • विराट कोहली: 2008 में अपने वनडे करियर की शुरुआत करने के बाद, कोहली ने 311 मैचों में 14,797 रन बनाए हैं। उनका औसत 58.71 का है और उन्होंने 54 शानदार शतक जड़े हैं।
  • रोहित शर्मा: 2007 में पदार्पण करने वाले रोहित ने 282 वनडे मैचों में 11,577 रन बनाए हैं। 48.84 की औसत और 33 शतकों के साथ, वे वनडे प्रारूप के सबसे घातक ओपनर्स में से एक माने जाते हैं।

भविष्य का फैसला कौन करेगा?

किरण मोरे का मानना है कि संन्यास का निर्णय पूरी तरह से खिलाड़ी का व्यक्तिगत फैसला होना चाहिए। जब सही समय आएगा, तो ये दोनों दिग्गज खुद अपने करियर को लेकर निर्णय लेंगे। फिलहाल, भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण है कि आगामी सीरीज में ये दोनों खिलाड़ी अपनी फॉर्म को कैसे बरकरार रखते हैं।

निष्कर्ष

भारतीय क्रिकेट में बदलाव का दौर आना स्वाभाविक है, लेकिन रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के योगदान को कम करके नहीं आंका जा सकता। बीसीसीआई की भविष्य की योजनाएं चाहे जो भी हों, मैदान पर उनकी उपस्थिति टीम इंडिया के लिए एक बड़ी ताकत है। आगामी वर्षों में फिटनेस और प्रदर्शन का संतुलन ही तय करेगा कि क्या हम इन दोनों को 2027 के विश्व कप में खेलते हुए देख पाएंगे या नहीं। प्रशंसकों की नजरें अब आगामी अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट्स पर टिकी हैं, जहां ये दोनों खिलाड़ी एक बार फिर अपनी क्लास दिखाने के लिए तैयार हैं।

अंततः, क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ियों के संन्यास के बाद जिस शून्यता का अनुभव किया गया था, वैसी स्थिति रोहित और विराट के संन्यास के समय भी पैदा होना तय है। इसलिए, जब तक वे मैदान पर हैं, खेल प्रेमी उनके बेहतरीन शॉट्स का आनंद ले सकते हैं और उन्हें खेलते हुए देखना जारी रख सकते हैं।

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Pooja Reddy

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