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मोहम्मद कैफ का ऋषभ पंत को समर्थन: टेस्ट क्रिकेट में पंत जैसा मैच-विनर कोई नहीं

Kriti Menon · · 1 min read
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ऋषभ पंत पर उठ रहे सवालों के बीच मोहम्मद कैफ का बड़ा बयान

भारतीय क्रिकेट टीम के चयन और कप्तानी के फैसलों पर हमेशा से चर्चाएं होती रही हैं। हाल ही में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए टीम प्रबंधन द्वारा ऋषभ पंत को उप-कप्तानी से हटाने का निर्णय चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां टीम प्रबंधन ने शुभमन गिल की कप्तानी में केएल राहुल को नया उप-कप्तान नियुक्त किया है, वहीं पंत को टीम में केवल एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में रखा गया है। इस फैसले के बाद से क्रिकेट गलियारों में पंत के भविष्य को लेकर बहस छिड़ गई है।

टेस्ट और टी20 को अलग नजरिए से देखने की जरूरत

पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने इस स्थिति में पंत का मजबूती से बचाव किया है। कैफ का मानना है कि पंत के हालिया आईपीएल प्रदर्शन के आधार पर उनके टेस्ट करियर का आकलन करना पूरी तरह से गलत है। कैफ ने स्पष्ट किया कि लाल गेंद (टेस्ट) और सफेद गेंद (टी20) के प्रारूप बिल्कुल अलग हैं और दोनों में सफलता के मापदंड भी अलग होने चाहिए।

कैफ ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, ‘ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में कुछ भी गलत नहीं किया है। लोग आईपीएल में उनकी कप्तानी और खराब फॉर्म को देखकर टेस्ट टीम में उनकी भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जो कि उचित नहीं है। मेरा व्यक्तिगत मानना है कि आज भी टेस्ट मैच में ऋषभ पंत से बड़ा कोई मैच-विनर नहीं है।’

टेस्ट क्रिकेट में पंत के आंकड़े बोलते हैं

ऋषभ पंत ने 2018 में अपने टेस्ट पदार्पण के बाद से खुद को इस प्रारूप का दिग्गज साबित किया है। उन्होंने अब तक 49 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 42.91 की औसत से 3476 रन बनाए हैं। उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 159 रन है। पिछले साल भी, उन्होंने इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी कठिन टीमों के खिलाफ अपनी उपयोगिता सिद्ध की है।

एक मैच-विनर की पहचान

कैफ ने आगे जोर देते हुए कहा कि पंत की आक्रामक और अप्रत्याशित बल्लेबाजी शैली उन्हें टेस्ट मैच में सबसे घातक बनाती है। उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट में रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बहुत अंतर होता है। आईपीएल की असफलता को टेस्ट में लागू करना समस्या पैदा करता है। पंत जैसा बल्लेबाज जो मैच का रुख पलटने का माद्दा रखता है, उसे केवल एक फॉर्मेट के आधार पर कमतर नहीं आंका जा सकता।’

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में पंत का प्रदर्शन

पंत का विदेशी दौरों पर रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। विशेष रूप से इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स टेस्ट में उन्होंने मैच की दोनों पारियों में शतक जड़कर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाया था। इसके अलावा 2025 के भारत दौरे के दौरान भी उन्होंने तीन अर्धशतकीय पारियां खेलीं, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि वह टेस्ट टीम की रीढ़ क्यों हैं।

निष्कर्ष

भले ही ऋषभ पंत को उप-कप्तानी से हटा दिया गया हो, लेकिन मोहम्मद कैफ जैसे दिग्गज का समर्थन उनके मनोबल को बढ़ाने के लिए पर्याप्त है। टेस्ट क्रिकेट में पंत की आक्रामकता टीम इंडिया के लिए एक बड़ा हथियार बनी रहेगी। टीम प्रबंधन और प्रशंसकों को यह समझना होगा कि पंत जैसे मैच-विनर को अपनी लय वापस पाने के लिए केवल भरोसे की जरूरत है। अब देखना यह होगा कि आने वाले टेस्ट मैचों में पंत अपनी बल्लेबाजी से आलोचकों को क्या जवाब देते हैं।

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