Vaibhav Sooryavanshi in line for India ODI call-up for England tour: Report – वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है टीम इंडिया से बुलावा, इंग्लैंड दौरे के लिए चयनकर्ताओं में चर्चा तेज
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के भारतीय टीम में चयन को लेकर बढ़ी हलचल
भारतीय क्रिकेट में हमेशा से ही युवा प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें सही समय पर मौका देने की परंपरा रही है। इस कड़ी में नया नाम राजस्थान रॉयल्स (RR) के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का जुड़ रहा है। महज़ 15 साल की उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से आईपीएल में धमाल मचाने वाले वैभव अब टीम इंडिया के सीनियर सेटअप में शामिल होने की कगार पर हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे सीरीज के लिए उनके नाम पर गंभीर रूप से विचार किया जा रहा है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और चयनकर्ता आगामी महीनों में होने वाले व्यस्त कार्यक्रम के लिए टीम तैयार कर रहे हैं। भारत को बैक-टू-बैक अफगानिस्तान, आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज खेलनी है। हालांकि वैभव अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन आयरलैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज और उसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ महत्वपूर्ण वनडे सीरीज में उन्हें मौका मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
चयनकर्ताओं की रडार पर ‘बेबी मॉन्स्टर’
वैभव सूर्यवंशी को उनके आक्रामक और बेखौफ अंदाज के कारण ‘बेबी मॉन्स्टर’ के नाम से भी जाना जाने लगा है। रेवस्पोर्ट्स (RevSportz) के पत्रकार रोहित जुगलान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि चयनकर्ता वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में शामिल करने के हर पहलू पर विचार कर रहे हैं।
रोहित जुगलान ने अपने पोस्ट में लिखा, “इंग्लैंड के खिलाफ उस वनडे सीरीज के लिए सूर्यवंशी के नाम पर चर्चा चल रही है – अगर किसी को भी कोई संदेह है, तो संयम से भरी यह पारी उसका जवाब है। बहुत बढ़िया खेले, बेबी मॉन्स्टर।” यह दिखाता है कि इस युवा खिलाड़ी ने न केवल अपने शॉट्स से बल्कि अपनी परिपक्वता से भी चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है।
गुजरात टाइटंस के खिलाफ वह ऐतिहासिक पारी जिसने बदली सोच
वैभव सूर्यवंशी की इस चर्चा के पीछे आईपीएल 2026 सीजन के एक बेहद दबाव वाले मैच का बहुत बड़ा हाथ है। राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेले गए इस करो या मरो वाले मुकाबले में पिच की परिस्थितियां बिल्कुल भी आसान नहीं थीं। पहली पारी में बल्लेबाजी करना काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाजों को पिच से अतिरिक्त उछाल मिल रही थी।
गुजरात टाइटंस के पास कागिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज और जेसन होल्डर जैसे विश्वस्तरीय और अनुभवी तेज गेंदबाज थे। इन गेंदबाजों ने वैभव सूर्यवंशी को खुलकर खेलने से रोकने के लिए एक खास रणनीति अपनाई। उन्होंने वैभव के खिलाफ लगातार बॉडी-लाइन गेंदबाजी (शरीर को निशाना बनाकर की जाने वाली शॉर्ट-पिच गेंदें) की। ऐसी परिस्थिति में किसी भी 15 साल के युवा बल्लेबाज के लिए घबरा जाना स्वाभाविक था, लेकिन वैभव ने कुछ अलग ही इरादे दिखाए।
संयम और आक्रामकता का अद्भुत मिश्रण
शुरुआती ओवरों में अतिरिक्त उछाल और गेंदबाजों की सटीक रणनीति के सामने वैभव ने अपना विकेट नहीं गंवाया। यह एक दुर्लभ अवसर था जब उन्होंने केवल बड़े शॉट्स खेलने के बजाय अपनी तकनीक और मानसिक मजबूती का प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रीज पर टिककर परिस्थितियों को समझा और पिच के उछाल से सामंजस्य बिठाया।
एक बार जब उन्हें पिच के मिजाज का अंदाजा हो गया, तो उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक शुरू कर दिया। उन्होंने अपने तरकश से एक-एक करके ऐसे शानदार शॉट्स निकाले जिसका गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं था। वैभव ने मैदान के हर कोने में रन बटोरे और एक बेजोड़ पारी खेली।
मात्र 47 गेंदों में ठोक दिए 96 रन
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस संयमित और विस्फोटक पारी का अंत 47 गेंदों पर शानदार 96 रन बनाकर किया। इस अविश्वसनीय पारी में उनके बल्ले से 8 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के निकले। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 204.26 का रहा, जो यह दर्शाता है कि मुश्किल परिस्थितियों में भी उन्होंने रन गति को धीमा नहीं होने दिया।
वैभव की इस आतिशी पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने स्कोर बोर्ड पर 214 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण गुजरात टाइटंस इस लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही और आईपीएल 2026 के फाइनल में प्रवेश कर लिया। भले ही राजस्थान रॉयल्स यह मैच हार गई, लेकिन वैभव की इस पारी ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों और चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया।
क्या भारतीय टीम मैनेजमेंट उठाएगा यह बड़ा कदम?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बीसीसीआई का चयनकर्ता बोर्ड इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ इस युवा प्रतिभा पर दांव लगाने का साहस दिखाएगा? आयरलैंड के खिलाफ होने वाली 2 मैचों की टी20 सीरीज में वैभव को मौका मिलने की संभावना बहुत अधिक है, क्योंकि वहां युवा खिलाड़ियों को परखने का अच्छा अवसर होता है। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज एक पूरी तरह से अलग चुनौती होगी।
इंग्लैंड की परिस्थितियां और उनकी स्विंग गेंदबाजी किसी भी युवा बल्लेबाज के लिए सबसे कठिन परीक्षा होती है। हालांकि, वैभव ने जिस तरह का जज्बा रबाडा, सिराज और होल्डर जैसे अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों के खिलाफ दिखाया है, उसने यह साबित कर दिया है कि वे बड़ी चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यदि वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम में शामिल किया जाता है, तो यह भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण होगा। क्रिकेट प्रेमी बेसब्री से इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब इस ‘बेबी मॉन्स्टर’ को नीली जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए देखने का मौका मिलेगा।
