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MS Dhoni And The Unheard Toss Story That Rocked 2011 World Cup Final – 2011 विश्व कप और IPL 2026: टॉस के दौरान हुए वो दो बड़े विवाद

Faizan Ahmed · · 1 min read
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जब क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर हुआ था टॉस विवाद

क्रिकेट इतिहास में 2 अप्रैल 2011 की तारीख हमेशा के लिए स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच विश्व कप का फाइनल खेला जा रहा था। लाखों लोगों की नजरें इस मैच पर टिकी थीं, लेकिन खेल शुरू होने से पहले ही एक ऐसी घटना घटी जिसने सबको हैरान कर दिया। एमएस धोनी और कुमार संगकारा जब टॉस के लिए मैदान पर आए, तो वह पल पूरी तरह से सामान्य नहीं रहा।

मैच रेफरी और कमेंटेटर रवि शास्त्री की मौजूदगी में एमएस धोनी ने सिक्का उछाला। सिक्का ‘हेड्स’ गिरा, लेकिन तुरंत ही अधिकारियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। आधिकारिक तौर पर यह कहा गया कि कुमार संगकारा की आवाज स्पष्ट नहीं सुनी गई थी, जिसके कारण टॉस को ‘नल एंड वॉयड’ घोषित कर दिया गया। क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर यह घटना अभूतपूर्व थी। इसके बाद दूसरी बार टॉस हुआ और फिर से संगकारा ने ‘हेड्स’ कॉल किया, जिसमें वे सफल रहे और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

आईपीएल 2026 में दोहराया गया इतिहास

दिलचस्प बात यह है कि 15 साल बाद आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालीफायर में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। न्यू चंडीगढ़ के मुल्लनपुर स्टेडियम में गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग के बीच टॉस हो रहा था। रियान पराग ने ‘हेड्स’ कहा, लेकिन अधिकारियों ने यह कहकर फिर से सिक्का उछालने का निर्देश दिया कि पराग की आवाज ‘काफी तेज नहीं थी’।

यह घटना बिल्कुल 2011 की याद दिलाती है। शुभमन गिल ने दोबारा सिक्का उछाला और इस बार भी रियान पराग ने टॉस जीता। संयोग से, इन दोनों ही घटनाओं में रवि शास्त्री कमेंटेटर की भूमिका में मौजूद थे। इसके अलावा, एक और गहरा कनेक्शन यह है कि 2011 में श्रीलंका की कप्तानी करने वाले कुमार संगकारा वर्तमान में राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच हैं, जो इस पूरे वाकये को और भी दिलचस्प बनाता है।

क्या वाकई सुनाई नहीं दिया था?

2011 के उस फाइनल में जब विवाद हुआ था, तो बाद में वीडियो रिप्ले में यह साफ हो गया था कि कुमार संगकारा ने पहली बार भी ‘हेड्स’ ही कहा था, जो ब्रॉडकास्टर्स के लिए स्पष्ट रूप से सुनाई दे रहा था। हालांकि, उस समय की अफरा-तफरी में अधिकारियों का फैसला बदल पाना संभव नहीं था। यह घटना आज भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती है।

धोनी का ‘विनिंग शॉट’ और विवाद का अंत

हालांकि टॉस को लेकर हुए इस विवाद ने शुरुआत में काफी हलचल मचाई थी, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, यह मामला पीछे छूट गया। भारत ने उस ऐतिहासिक मैच में श्रीलंका को छह विकेट से हराकर 28 साल के सूखे को खत्म किया था। एमएस धोनी द्वारा नुआन कुलसेकरा की गेंद पर लगाया गया वह आखिरी छक्का आज भी हर भारतीय क्रिकेट फैन की आंखों में बसा है। उस जीत की चमक के सामने टॉस का वह छोटा सा विवाद फीका पड़ गया।

खेल के मैदान पर ऐसी तकनीकी और मानवीय त्रुटियां कभी-कभी खेल का हिस्सा बन जाती हैं। चाहे वह विश्व कप जैसा बड़ा टूर्नामेंट हो या आईपीएल का क्वालीफायर, टॉस की यह कहानी साबित करती है कि क्रिकेट के खेल में रोमांच और अनिश्चितता हमेशा बनी रहती है। अंत में, क्रिकेट प्रशंसकों के लिए परिणाम और खेल की भावना ही सबसे महत्वपूर्ण होती है, जो इन छोटी-मोटी विवादों को भुलाकर आगे बढ़ने में मदद करती है।

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Faizan Ahmed

Faizan Ahmed focuses on bowling strategies, wicket-taking trends, and economy-rate analysis.